
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किए गए वॉयस एजेंट अब बैंक, इंश्योरेंस और डिलीवरी कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिससे असली और फर्जी कॉल में अंतर करना मुश्किल हो रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में एआई आधारित सिस्टम ने करीब 22.99 अरब इनकमिंग कॉल्स को संभावित स्पैम के रूप में चिह्नित किया है।
दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ऑटोमेटेड बिजनेस कॉल्स को अलग से पहचानने के लिए नए नियम तैयार कर रहा है, जिसमें कंपनियों को ए2पी कॉल्स की जानकारी देनी होगी।