पेमेंट कंपनी वीजा ने अपनी कुल वर्कफोर्स के 7 फीसदी यानी 2600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिसका मुख्य कारण कंपनी का एजेंटिक एआई की ओर शिफ्ट होना है।
बेंगलुरु, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद के ऑफिस प्रभावित हुए हैं, जहां एक यूजर के अनुसार अकेले बेंगलुरु टेक्नोलॉजी सेंटर से ही लगभग 1,400 लोगों को निकाला गया है।
सीईओ रायन मैकइनर्नी के अनुसार यह रिस्ट्रक्चरिंग बिजनेस संकट के बजाय ग्रोथ वाले क्षेत्रों में रिसोर्सेज लगाने के लिए की गई है, जिससे कर्मचारियों के रोल सिमट रहे हैं।