
भारत में हर साल लगभग 91 लाख पशु-काटने की घटनाएं होती हैं, जिनमें संक्रमित कुत्तों द्वारा गाय और भैंसों में रेबीज फैलने का खतरा सबसे अधिक रहता है।
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, पंजाब में 2004-2014 के बीच रेबीज के मामलों में 29.7% भैंसों और 23.1% गायों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पालतू कुत्तों का समय पर टीकाकरण कराएं और किसी भी संदिग्ध जानवर के काटने पर घाव को साबुन से धोकर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।