
डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, बच्चों में लंबे समय तक रहने वाला लो-ग्रेड बुखार हमेशा इंफेक्शन नहीं होता, यह इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया या हार्मोनल बदलाव भी हो सकता है।
यदि बुखार 2 से 3 सप्ताह से अधिक बना रहे, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
लैब जांच में यदि खून की कमी, प्लेटलेट्स की अधिकता या बढ़ा हुआ CRP मिले, तो यह गैर-संक्रामक बुखार (Non-infectious fever) का संकेत हो सकता है।