ओडिशा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर ने कहा कि जेन-जी ने साबित कर दिया है कि वे राजनीतिक दुष्प्रचार और खोखले वादों से आसानी से प्रभावित नहीं होते।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी सत्ता से सवाल पूछने में नहीं हिचकिचाती और हालिया विरोध प्रदर्शन इस बात का प्रमाण हैं कि भारत में लोकतंत्र को मरने नहीं दिया जाएगा।
न्यायमूर्ति मुरलीधर ने न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतों का रिकॉर्ड राज्य की शक्ति पर नियंत्रण रखने में अक्सर निराशाजनक रहा है।