पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के 'मक्का डिफेंस पैक्ट' में ईरान को शामिल होने का न्योता मिला है, जिसकी पुष्टि ईरानी संसद की न्यूज एजेंसी ने की है।
7 अगस्त 2026 को हस्ताक्षरित यह त्रिपक्षीय समझौता एक 'इस्लामिक नाटो' की तरह है, जिसमें सदस्य देशों पर हमले को सामूहिक हमला माना जाता है।
ईरान के शामिल होने से चाबहार पोर्ट और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए भारत के व्यापारिक हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।