
शुक्रवार को मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक-2026 को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
इस नए विधेयक के तहत जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में देरी होने पर अब न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य होगा और आवेदन प्रक्रिया में कड़े नियम लागू किए गए हैं।
संसद में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के कारण यह विधेयक बिना किसी विस्तृत चर्चा के ही पास हो गया।