
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों पक्षों में संघर्ष बढ़ गया है।
हूती हमलों और लाल सागर पर दबाव के कारण सऊदी अरब के तेल उत्पादन और निर्यात में भारी गिरावट आई है।
सऊदी अरब को रक्षा मिसाइलों की कमी और अमेरिकी समर्थन की अनिश्चितता जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।