
ऑस्ट्रेलियाई गृह मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से आए 40 प्रतिशत से अधिक स्टूडेंट वीजा आवेदन खारिज कर दिए गए हैं।
जून 2026 में कुल स्टूडेंट वीजा रिजेक्शन रेट बढ़कर 24.2 प्रतिशत हो गया है, जो कि जून 2016 में मात्र 7.9 प्रतिशत था।
इस सख्ती का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना है, जिसके तहत आवेदकों को अपनी पढ़ाई के वास्तविक उद्देश्य और करियर योजनाओं को साबित करना होगा।