10 सितंबर को कुशाग्रहणी अमावस्या (पिठोरी अमावस) है, जबकि 11 सितंबर को मातृ अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और दान करना उत्तम माना गया है।
14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का व्रत एक ही दिन पड़ रहा है, इस दिन चंद्र दर्शन निषेध है क्योंकि इसे कलंक चतुर्थी भी कहा जाता है।
9 सितंबर को मास शिवरात्रि व्रत है और 13 सितंबर को श्री वराह जयंती मनाई जाएगी, जिसके साथ ही हरतालिका तीज व्रत की शुरुआत होगी।