पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने मक्का में एक रक्षा समझौता किया है, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा, जो नाटो के आर्टिकल 5 जैसा है।
इस गठबंधन के संचालन के लिए सऊदी अरब में एक 'जनरल सेक्रेटेरिएट' स्थापित किया जाएगा और तीनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास के साथ तकनीक का साझा उत्पादन करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि तीनों देशों के बीच हथियारों के तालमेल और संस्थागत ढांचे की कमी के कारण इसे 'इस्लामिक नाटो' कहना जल्दबाजी होगी, जबकि आसिम मुनीर कमांडर बन सकते हैं।