असम में पिछले 52 वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ के कारण अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
बाढ़ प्रभावित चार जिलों में 354 राहत शिविर और वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां 37,724 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है और सेना व NDRF बचाव कार्य में जुटी है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही अब सरकार का ध्यान शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जैसे जिलों में बिजली बहाली और पुनर्वास पर केंद्रित है।