
अमेरिका ने सऊदी अरब को लगभग 24.3 अरब डॉलर की लागत वाले 48 अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट में चिंता जताई है कि इस सौदे से संवेदनशील तकनीक और रडार प्रणाली चीन की पहुंच में आ सकती है.
सऊदी अरब के साथ चीन के रक्षा सहयोग और सैन्य ठिकानों तक चीनी तकनीक की मौजूदगी को लेकर पेंटागन की रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं.