
राजस्थान शिक्षा विभाग ने दीपावली से पहले सभी सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई और लाइटिंग कराने का फरमान जारी किया है जिसके लिए कोई बजट नहीं दिया गया है।
शिक्षकों को छात्रों से श्रमदान कराने और जन सहभागिता यानी चंदा जुटाकर रंगाई-पुताई और मरम्मत का खर्च उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि अध्यापकों का मुख्य काम पढ़ाना है और सरकार द्वारा पर्याप्त बजट न देने से वे मुश्किल में हैं।