
स्मार्टफोन कंपनियां अब पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरी के उन्नत संस्करण के रूप में सिलिकॉन-कार्बन तकनीक का उपयोग कर रही हैं, जो बेहतर क्षमता प्रदान करती है।
इस तकनीक में एनोड के लिए सिलिकॉन और कार्बन के मिश्रण का उपयोग किया जाता है, जिससे कम जगह में 8,000mAh से 10,000mAh तक की बड़ी बैटरी संभव हो रही है।
हालांकि यह तकनीक पतले और फोल्डेबल फोन के लिए उपयोगी है, लेकिन इसमें चार्जिंग/डिस्चार्जिंग के दौरान सामग्री के फैलने और सिकुड़ने की चुनौती भी बनी हुई है।