नेपाल और तिब्बत के सूत्रों ने हालिया बाढ़ को प्राकृतिक आपदा के बजाय चीन द्वारा की गई एक पूर्व-नियोजित रणनीतिक साजिश होने का शक जताया है।
सूत्रों का दावा है कि अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर के 30 अप्रैल से 4 मई 2026 के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरे के बाद यह तबाही करवाई गई है।
तिब्बती कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि चीन द्वारा प्रतिबंधित इस क्षेत्र की निष्पक्ष जांच हो, क्योंकि वहां के वीडियो और तस्वीरें एआई-जनित होने का संदेह है।