
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी के यश डबास के अध्यक्ष चुने जाने के बाद छात्र नेताओं के लिए निर्धारित नियमों पर चर्चा शुरू हो गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत अटेंडेंस अनिवार्य है और विजेता बनने के बाद भी इस शैक्षणिक नियम से कोई छूट नहीं मिलती है।
डूसू अध्यक्ष का पद मानद होता है और इसके साथ कोई मासिक वेतन नहीं जुड़ा होता है, हालांकि उन्हें प्रशासनिक बैठकों और यूनियन फंड के उपयोग का अधिकार मिलता है।