
पंचांग गणना के अनुसार, इस वर्ष जन्माष्टमी का मुख्य जन्मोत्सव 4 सितंबर की रात को मनाया जाएगा, जिसमें रात 11:57 से 12:43 बजे तक का समय विशेष पूजन के लिए है।
अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग के कारण अधिकांश गृहस्थ श्रद्धालु 4 सितंबर को पर्व मनाएंगे, जबकि कुछ वैष्णव परंपराओं में 5 सितंबर को भी उत्सव हो सकता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इसलिए मध्यरात्रि में बाल गोपाल का अभिषेक और विशेष आरती का विशेष महत्व है।