अमेरिकी सीनेट ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला एक बिल पास किया है, जिससे भारत समेत कई देशों पर 100% तक टैरिफ लगने का गंभीर जोखिम पैदा हो गया है।
बिल के पक्ष में 86 और विपक्ष में 12 वोट पड़े, जिसका उद्देश्य रूसी ऊर्जा पर निर्भरता कम करना है, जबकि जून 2026 में भारत का रूसी तेल आयात 34% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर था।
यह बिल अब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स जाएगा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद कानून बनेगा, जिसके 30 दिनों के भीतर प्रतिबंध और टैरिफ लागू किए जा सकते हैं।