
सरकार द्वारा 15 सितंबर को 2 हजार रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट फीस लगाने के फैसले से पेमेंट एप्स की कमाई में बड़ा इजाफा हो सकता है।
ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के अनुसार मार्च 2028 तक इस फीस से पेमेंट कंपनियों को हर साल करीब 1.1 अरब डॉलर की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद है।
इसमें फोनपे और गूगल पे जैसी प्रमुख कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 900 मिलियन डॉलर यानी करीब 7,500 करोड़ रुपये तक हो सकती है।