इस वर्ष जन्माष्टमी का व्रत और पूजा 4 सितंबर को की जाएगी, क्योंकि अष्टमी तिथि 4 सितंबर की रात 02:25 बजे से शुरू होकर देर रात 12:13 बजे तक रहेगी।
इस बार रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो 4 सितंबर की रात 11:08 बजे चंद्रोदय के समय प्रभावी रहेगा।
भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के लिए निशिता काल पूजा का शुभ मुहूर्त 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक निर्धारित किया गया है।