सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा को खत्म कर उसकी जगह जहरीले इंजेक्शन या गोली मारने जैसे विकल्पों को अपनाने की याचिका खारिज कर दी है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोषी को सजा-ए-मौत फांसी के माध्यम से ही दी जाएगी, क्योंकि यह कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया है।
इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने सजा के अन्य कम दर्दनाक विकल्पों की जांच करने की मांग को भी सिरे से नकार दिया है।