रूस और अमेरिका से आपूर्ति में कमी के बीच भारत यूरोप के लिए डीजल और गैसऑयल का प्रमुख सप्लायर बनकर उभरा है।
अगस्त में बॉब-अल-मंदेब मार्ग से रोजाना लगभग 2,00,000 बैरल ईंधन की आवाजाही हुई, जिसमें से 60% आपूर्ति भारतीय रिफाइनरियों से की गई।
भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता 258.1 मिलियन टन सालाना है, जिसने वित्त वर्ष 2025-26 में 6.15 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया।