वैज्ञानिक शोध के अनुसार, मच्छर शरीर की विशिष्ट गंध को पहचानकर अपने शिकार का चुनाव करते हैं, जिससे कुछ लोग उन्हें अधिक आकर्षित करते हैं।
यह गंध घातक बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि मच्छर अपने पार्टनर को इसी आधार पर चुनते हैं।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि शरीर की गंध को नियंत्रित करने वाले उपाय मच्छरों के काटने के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं।