बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान नवंबर में तुर्की का दौरा करेंगे, जहां वे मक्का समझौते में शामिल होने और रक्षा तकनीक पर द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा करेंगे।
इस प्रस्तावित रक्षा सहयोग में ड्रोन और गोला-बारूद के घरेलू उत्पादन के लिए तकनीकी मदद शामिल है, जिस पर जुलाई के तीसरे हफ्ते में आर्मी चीफ जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने बात की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच 7 अगस्त को हुए रक्षा समझौते के पीछे अमेरिका का 'मुस्लिम NATO' बनाने का रणनीतिक उद्देश्य है।