
रूस गुप्त रूप से ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें विकसित करने में मदद कर रहा है, जिसे मॉस्को से तेहरान के बीच अब तक का सबसे महत्वपूर्ण मिलिट्री टेक्नोलॉजी ट्रांसफर माना जा रहा है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'सी430एल' कोडनेम वाला यह प्रोग्राम 2023 में शुरू हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान को रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम बनाने में तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
ईरान ने पहले ही रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम का निर्माण और फ्लाइट टेस्टिंग पूरी कर ली है, हालांकि अभी तक रूस की मदद से बनी किसी सुपरसोनिक मिसाइल को तैनात करने का कोई सबूत नहीं है।