बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान का प्रस्तावित नई दिल्ली दौरा रद्द हो गया है, क्योंकि 18 अगस्त को हुई 45 मिनट की राजनयिक बैठक बेनतीजा रही।
ढाका ने भारत के सामने शेख हसीना की वापसी और 111 भगोड़ों को सौंपने जैसी कड़ी शर्तें रखीं, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक गतिरोध पैदा हो गया है।
भारतीय अधिकारियों ने 12 दिसंबर 2025 को हुए हमले के आरोपियों को सौंपने पर सहमति जताई थी, लेकिन शेख हसीना की 5 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ढाका नाराज था।