
SBI रिसर्च के अनुसार, 3 से 5 अगस्त के बीच होने वाली RBI की बैठक में महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण रेपो रेट को अनचेंज रखा जा सकता है।
रिपोर्ट में अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7% से अधिक रहेगी, जबकि CPI महंगाई दर अगले दो तिमाहियों तक 5% से ऊपर बनी रहेगी।
RBI ने 24 जुलाई तक विदेशी मुद्रा भंडार में 12.5 अरब डॉलर की वृद्धि की है, जिससे रुपये पर दबाव कम करने और अल्पकालिक एडवांस लोन को 13 अरब डॉलर तक घटाने में मदद मिली है।