
मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन की स्टडी में सामने आया है कि हाई कोलेस्ट्रॉल का जेनेटिक जोखिम संतुलित आहार से कम किया जा सकता है।
भारत में 87.3% वयस्क डिस्लिपिडेमिया से प्रभावित हैं, और गलत खान-पान (ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी) जेनेटिक खतरे को और बढ़ा देते हैं।
वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि लोग अपने जीन नहीं बदल सकते, लेकिन डाइट में फल, सब्जियां और दालें शामिल कर मेटाबॉलिक सेहत सुधार सकते हैं।