इन-स्पेस के अध्यक्ष पवन गोयनका ने स्पष्ट किया कि इसरो की भूमिका कम नहीं होगी और वह भविष्य के वैज्ञानिक मिशनों व नई प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
गोयनका ने बताया कि भारत का लक्ष्य 2030 तक हर साल 50 प्रक्षेपण करने का है, जिसे हासिल करने के लिए इसरो और निजी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा।
इसरो के कर्मचारी संगठनों ने निजीकरण के प्रस्ताव पर चिंता जताते हुए 4 सितंबर को अध्यक्ष वी नारायणन को पत्र लिखकर आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग की थी।