
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि सरकारी तेल कंपनियां अपनी रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ा रही हैं, जिससे भारत जल्द ही डीजल का प्रमुख सप्लायर बनेगा।
भारत साल 2030 तक अपनी तेल रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ाकर सालाना 300 मिलियन टन करना चाहता है और इसके बाद इसे 400 मिलियन टन करने की योजना है।
केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, भारत इस साल समुद्र के रास्ते डीजल निर्यात करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।