सऊदी अरब के मक्का में हुए रणनीतिक रक्षा समझौते में मिस्र शामिल नहीं हुआ, जबकि तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब इस गठबंधन के मुख्य केंद्र में हैं।
मिस्र की इस दूरी के पीछे इजरायल के साथ 1979 की शांति संधि और सिनाई प्रायद्वीप की सुरक्षा से जुड़ी रणनीतिक मजबूरियां मुख्य कारण मानी जा रही हैं।
सिनाई की स्थिरता मिस्र के लिए स्वेज नहर के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे वह किसी भी सैन्य टकराव में जोखिम में नहीं डाल सकता।