
अरब स्प्रिंग 2010-11 में मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका में तानाशाही, भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ था।
ट्यूनीशिया, मिस्र, लीबिया जैसे देशों में सरकारें गिरीं, लेकिन बाद में अस्थिरता और गृहयुद्ध बढ़ा।
बांग्लादेश में भी छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सत्ता खत्म हुई, पर स्थिति अभी भी स्थिर नहीं है।