
ब्रिटेन सरकार ने कानूनी आव्रजन नीति में बड़ा बदलाव करते हुए वर्क वीजा के बाद परमानेंट रेजिडेंस मिलने की अवधि पांच साल से बढ़ाकर दस साल कर दी है।
नए नियमों के तहत स्किल्ड वर्कर वीजा के लिए न्यूनतम वार्षिक वेतन सीमा बढ़ाकर 41,700 यूरो कर दी गई है और केवल ग्रेजुएट स्तर की नौकरियों को ही मंजूरी मिलेगी।
इस सख्त माइग्रेशन प्लान का सीधा असर भारतीय छात्रों और कामकाजी पेशेवरों पर पड़ेगा, जिन्हें अब ब्रिटेन में बसने के लिए कड़े मानदंडों का सामना करना होगा।