मैलवेयरबाइट्स की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि हैकर्स मैलवेयर के जरिए गूगल पासवर्ड मैनेजर में सेव की गई 'पासकीज' को चुराकर यूजर के अकाउंट्स को हाईजैक कर रहे हैं।
हैकर्स 'पास-टा-की', 'सिल्वर पास-टा-की' और 'गोल्डन पास-टा-की' जैसे तीन उन्नत तरीकों का उपयोग कर रहे हैं, जो बिना बायोमेट्रिक या पिन प्रॉम्प्ट के भी लॉगिन करने में सक्षम हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने सिस्टम को तुरंत पैच करें और संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट से बचने के लिए अप-टू-डेट एंटी-मैलवेयर सॉफ्टवेयर का उपयोग करें।