
दिल्ली की कृष्णा यादव, जो कभी गरीबी में नमक-रोटी खाकर गुजारा करती थीं, अब अचार के कारोबार से सालाना 5 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा रही हैं।
कृष्णा ने 500 रुपये और पति की नौकरी जाने के बाद कृषि विज्ञान केंद्र से अचार बनाने की ट्रेनिंग ली और साल 2002 में सड़क किनारे टेबल लगाकर काम शुरू किया।
आज उनके 'श्री कृष्णा पिकल्स' ब्रांड के तहत 250 से ज्यादा तरह के उत्पाद बनते हैं और उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं।