स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच GLP-1 दवाओं की कवरेज को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या इन्हें केवल डायबिटीज तक सीमित रखा जाए या मोटापे के इलाज में भी शामिल किया जाए।
इन दवाओं के बढ़ते उपयोग और प्रभावशीलता को देखते हुए बीमा कंपनियों और स्वास्थ्य निकायों पर इन्हें व्यापक रूप से कवर करने का दबाव है।
मोटापे के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि इन दवाओं का सही उपयोग भविष्य में स्वास्थ्य खर्चों को कम कर सकता है।