2005 में अप्रैल फूल के दिन युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने सौरव गांगुली के साथ एक प्रैंक किया, जिसमें नकली अखबार की कतरनें दिखाकर उन्हें परेशान किया गया।
गांगुली को लगा कि उन्होंने टीम के साथियों के बारे में अपमानजनक बयान दिए हैं, जिससे आहत होकर उन्होंने कप्तानी छोड़ने की पेशकश तक कर दी थी।
सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने भी इस नाटक में साथ दिया, लेकिन बाद में हंसी छूटने पर प्रैंक का भंडाफोड़ हुआ और गांगुली ने राहत की सांस ली।