भारत सरकार ने गहरे समुद्र में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के लिए 'समुद्र मंथन' कार्यक्रम को मंजूरी दी है, जिस पर वित्त वर्ष 2030-31 तक 84,084 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वर्तमान में भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का 88-89% और प्राकृतिक गैस का लगभग 50% हिस्सा आयात करता है, जिसे कम करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
इस पहल से भविष्य में 600 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक तेल के बराबर भंडार मिलने की उम्मीद है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और ऑफशोर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।