Health & Environment

माउंट एवरेस्ट पर इंसानी गतिविधियों से पिघल रहे ग्लेशियर

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THE BRIEF
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एक शोध के अनुसार, 2023 के सीजन में एवरेस्ट बेस कैंप पर हर दिन 6,766 लीटर पेशाब पैदा हुआ, जिससे करीब 154 टन बर्फ पिघलने का अनुमान है।

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ग्लेशियर पिघलने का मुख्य कारण ईंधन की खपत है, जिसमें 824 एलपीजी सिलेंडर और 18,935 लीटर केरोसिन का उपयोग इंसानी गर्मी के 94 फीसदी हिस्से के लिए जिम्मेदार है।

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खुम्बू ग्लेशियर का तापमान प्रति वर्ष 0.28 डिग्री सेल्सियस की दर से बढ़ रहा है, जिससे वैज्ञानिकों ने कचरा प्रबंधन और सौर ऊर्जा के उपयोग पर जोर दिया है।