अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की मुद्रा रियाल अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, जहां 1 डॉलर की कीमत 20 लाख रियाल हो गई है।
ईरान सरकार ने इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाने और डॉलर पर निर्भरता कम करने की नई रणनीति की घोषणा की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट ईरानी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे महंगाई और बेरोजगारी में और अधिक वृद्धि होने की आशंका है।