सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को अकेले नीतिगत फैसले लेने से रोक दिया है और अब हर बड़े निर्णय के लिए अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सहमति अनिवार्य होगी।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने स्पष्ट किया कि मिश्रा वर्तमान में केवल कार्यवाहक अध्यक्ष हैं, जिनका कार्यकाल राज्य बार काउंसिलों के नए चुनाव और नई बीसीआई के गठन तक ही सीमित है।
अदालत ने राज्य बार काउंसिलों को दो सप्ताह में महिला सदस्यों के मनोनयन और तीन सप्ताह में नए पदाधिकारियों के चुनाव का निर्देश दिया है, जिसकी अगली समीक्षा 17 सितंबर को होगी।