
पाकिस्तान क्रिकेट टीम की सेलेक्शन कमिटी से इस्तीफा देने के बाद मिसबाह उल हक ने बोर्ड पर क्षेत्रीय और विदेशी कोचों के बीच भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
मिसबाह ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद बिना परामर्श के 7 खिलाड़ियों और 2 कोचों को बाहर करना डर और दबाव में लिया गया गलत फैसला है।
पूर्व कप्तान ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में कॉस्मेटिक सर्जरी के बजाय प्रदर्शन और परिस्थितियों का सही आकलन जरूरी है।