International
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौते से पाकिस्तान की रणनीतिक चिंताएं बढ़ीं

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौते से पाकिस्तान की रणनीतिक चिंताएं बढ़ीं

Navbharat Times1h
THE BRIEF
1

अमेरिका और सऊदी अरब के बीच 30 साल के ऐतिहासिक सिविल न्यूक्लियर समझौते से सऊदी अरब में अमेरिकी तकनीक से परमाणु रिएक्टरों के विकास का रास्ता खुल गया है।

2

इस डील से पाकिस्तान का 'इस्लामिक परमाणु शक्ति' होने का दावा कमजोर हो सकता है, क्योंकि सऊदी अरब अब परमाणु सुरक्षा के लिए इस्लामाबाद पर निर्भर नहीं रहेगा।

3

विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 के दशक तक पश्चिम एशिया में इजरायल, ईरान और सऊदी अरब तीन मुख्य परमाणु खिलाड़ी बनकर उभर सकते हैं, जो पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है।