
चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सूखे और कमजोर मानसून के चलते घरेलू स्तर पर फसलों को नुकसान पहुंचने से कृषि उत्पादों का आयात बढ़ सकता है।
सोयाबीन और मूंगफली की पैदावार प्रभावित होने के कारण खाद्य तेल का आयात 16.5 मिलियन टन से बढ़कर 17.5 मिलियन टन तक पहुंच सकता है।
पोल्ट्री और डेयरी सेक्टर की बढ़ती लागत को देखते हुए उद्योग जगत ने सरकार से 3 मिलियन टन सोयाबीन मील के आयात की अनुमति मांगी है।