
एक नए ट्रायल में कैंसर की पर्सनलाइज्ड वैक्सीन और इम्यूनोथेरेपी के उपयोग से मेलेनोमा के दोबारा होने या मौत का खतरा 42 फीसदी तक कम पाया गया है।
इंटिसमेरन नामक यह एमआरएनए वैक्सीन मरीज के ट्यूमर के आधार पर तैयार की जाती है, ताकि शरीर का इम्यून सिस्टम कैंसर कोशिकाओं को पहचान सके।
कंपनियां अगले साल मंजूरी के लिए आवेदन की तैयारी में हैं, हालांकि विशेषज्ञों ने इलाज की लागत और लंबी निगरानी को बड़ी चुनौती बताया है।