पाकिस्तान में बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा (KP) और PoK में जारी बगावत के बीच राष्ट्रपति जरदारी और प्रधानमंत्री के बीच जजों की नियुक्ति को लेकर टकराव बढ़ गया है।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना जजों की नियुक्ति की तैयारी ने संवैधानिक संकट को जन्म दिया है, जिससे इस्लामाबाद में तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं।
सेना प्रमुख आसिम मुनीर के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि देश की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता चार अलग-अलग मोर्चों पर खतरे में है।