KGMU लखनऊ के अध्ययन में पाया गया कि टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित एमडीआर टीबी मरीजों में संक्रमण खत्म होने में अधिक समय लगता है, जिससे मृत्यु दर बढ़ जाती है।
शोध में 264 मरीजों पर किए गए परीक्षण में मधुमेह रोगियों की बलगम जांच निगेटिव होने में 133 दिन लगे, जबकि गैर-मधुमेह रोगियों की रिपोर्ट 97 दिन में सामान्य हो गई।
विशेषज्ञों ने एमडीआर टीबी के सफल उपचार के लिए टीबी और मधुमेह की एकीकृत देखभाल (इंटीग्रेटेड केयर) को अनिवार्य बताया है ताकि दवाओं का असर बेहतर हो सके।