
रांची एसपी पारस राणा ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने नहीं, बल्कि पत्थरबाजी की घटना की जांच के लिए प्रदर्शन स्थल पर गई थी।
प्रदर्शनकारी छात्र जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाकर सीबीआई जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में छात्रों को हटाने के लिए बल का प्रयोग किया, जिसे प्रशासन ने अफवाह बताया है।