वैज्ञानिकों की एक नई स्टडी के अनुसार, माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों द्वारा किया गया पेशाब हर साल करीब 154 टन बर्फ पिघला रहा है।
एवरेस्ट बेस कैंप पर हर साल 1,600 टेंट लगते हैं और 2023 के सीजन में वहां हर दिन 6,766 लीटर पेशाब बहाया गया।
हिमालय का तापमान 0.28 डिग्री सेल्सियस प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहा है, जिससे साल 2000 के बाद बर्फ पिघलने की रफ्तार पिछली तिमाही से दोगुनी हो गई है।